
<img src="https://vandebharatlivetvnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251202-WA0047-1024×458.jpg" alt="" width="1024" height="458" class="alignnone size-large wp-image-607962" /
बलौदाबाजार, 2 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत बलौदाबाजार वनमण्डल में जन-जागरूकता और प्रकृति संरक्षण से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 1 से 7 दिसंबर तक चलने वाले इस सप्ताह भर के आयोजन की शुरुआत मंगलवार को कई परिक्षेत्रों में उत्साहपूर्ण गतिविधियों के साथ हुई।
चांदन में रैली और प्रतियोगिताओं से गूँजा संदेश
देवपुर परिक्षेत्र अंतर्गत शासकीय जयलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदन में वन संरक्षण जागरूकता रैली निकाली गई।
साथ ही औषधीय पौधों की पहचान एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीवों की जीवन में भूमिका, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता संरक्षण की महत्ता के बारे में प्रेरक जानकारी दी।
तुरतुरिया में वैद्यराज ने बताईं पारंपरिक औषधियों की खासियतें
बल्दाकछार परिक्षेत्र के तुरतुरिया में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय वैद्यराज द्वारा औषधीय पौधों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
ग्रामीणों को प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के संरक्षण और सतत उपयोग पर जागरूक किया गया।
लटुवा विद्यालय के विद्यार्थियों का सोनबरसा वन विहार केंद्र भ्रमण
बलौदाबाजार परिक्षेत्र के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लटुवा के 37 विद्यार्थी और 5 शिक्षक सोनबरसा वन विहार केंद्र के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाए गए।
यहाँ विद्यार्थियों को—
जैव विविधता,
स्थानीय (नेटिव) प्रजातियाँ,
पर्यावरण संतुलन,
युवाओं की भूमिका
के साथ केएमवाय योजना (KMY Scheme) की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण, पौधों की प्रजातियों और वनों के महत्व को करीब से समझा।
“रजत जयंती संरक्षण-संकल्प का अवसर”—वनमण्डलाधिकारी
बलौदाबाजार वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि रजत जयंती पर्व के दौरान विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, जन-सहभागिता और संरक्षण आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा—
“यह पर्व ग्रामीण समुदायों और विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का महत्वपूर्ण अवसर है।”
अधिकारियों व ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रमों में वन परिक्षेत्र अधिकारी बसंत खांडेकर, संतोष कुमार पैंकरा, गीतेश कुमार बंजारे, बीट प्रभारी मनोज कुमार बघेल, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल अनिरुद्ध कश्यप, वनरक्षक रजनीश वर्मा, गज कुमार ठाकुर, मनमोहन लाल साहू, संदीप साहू, अश्वनी रात्रे, बबलू निराला, सुरक्षा श्रमिक, विद्यालयीन स्टाफ, ग्रामीणजन एवं स्थानीय वैद्यराज उपस्थित रहे।





